*पद्म भूषण से सम्मानित पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर का मुंबई में निधन,857 हिंदी गानों से बनाई थी अमिट पहचान*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*पद्म भूषण से सम्मानित पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर का मुंबई में निधन,857 हिंदी गानों से बनाई थी अमिट पहचान*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)सुर कोकिला और पद्म भूषण से सम्मानित पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर जी के निधन की इस दु:खद व महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। फिल्म "ब्रह्मचारी" के "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे की..." गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 साल में मुंबई में निधन हुआ। बोलीवुड की दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया है। उन्होंने फिल्म "ब्रह्मचारी" के''आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे''और दूसरे गानों''न न करते प्यार तुम्हीं से''और''तुमने पुकारा और हम चले आए''जैसे कई यादगार हिंदी गाने गाए थे। संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें सरकार ने "पद्म भूषण" से सम्मानित किया गया था। उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण हुआ उनका निधन। बॉलीवुड की दिग्गज पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर का संगीत जगत में योगदान अतुलनीय रहा है। हाल ही में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके जीवन और करियर से जुड़ी पूरी जानकारी कुछ इस तरह से है। उनका फिल्मों में प्रवेश और पहला गाने के बारे में जाने तो फिल्मों में आगमन देखें तो सुमन कल्याणपुर (शादी से पहले सुमन हेमाडी) ने साल 1954 में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। जब वह मुंबई के जे.जे.स्कूल ऑफ आर्ट में पेंटिंग सीख रही थीं। तब एक कॉलेज फंक्शन में उनके गायन को दिग्गज गायक तलत महमूद ने सुना और वे उनके दैवी आवाज से बेहद प्रभावित हुए। तलत महमूद ने ही उन्हें रिकॉर्डिंग कंपनी से मिलवाया था। पहला गाना उन्होंने अपना पहला फिल्मी गाना साल 1954 में आई फिल्म "दरवाजा" में तलत महमूद के साथ गाया था, जिसके बोल थे "एक दिल,दो हैं तलबगार"। इसी साल (1954) उन्होंने फिल्म 'मंगू' और ''आर पार'' में भी गाने गाए। निधन का स्थान और निवास स्थान निवास स्थान और निधन की जगह जाने तो सुमन कल्याणपुर मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित लोखंडवाला (Lokhandwala) में अपने निजी आवास (रेसिडेंस) पर रह रही थीं। उनका निधन उम्र से संबंधित बीमारियों के कारण 31 मई 2026 की शाम करीब 8 बजे उनके इसी लोखंडवाला मुंबई स्थित आवास पर बेहद शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। अब उनको मिले पुरस्कार और सम्मान (Awards) देखें तो संगीत के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया था।
~पद्म भूषण:भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें साल 2023 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान "पद्म भूषण" से सम्मानित किया गया था।
~सूर श्रृंगार संसद अवार्ड: हिंदी फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ शास्त्रीय (क्लासिकल) गाने के लिए उन्हें दो बार (1966 और 1970 में) यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला था।
~लता मंगेशकर पुरस्कार:महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें साल 2009 में ''लता मंगेशकर पुरस्कार''से सम्मानित किया गया था।
~ग.दि.मा. पुरस्कार: उन्हें ग.दि.मा. प्रतिष्ठान द्वारा ''गा दि मा पुरस्कार''(Ga Di Ma Award) भी प्रदान किया गया था।
उन्होंने ने विभिन्न भाषाओं और गानों की संख्या देखें तो सुमन कल्याणपुर ने अपने करीब छह दशक लंबे शानदार करियर में कई भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज दी। कुल हिंदी गानों के साथ उन्होंने अपने पूरे करियर में कुल 857 हिंदी गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने अन्य भाषाएं में भी गाने गाएं। जिसके तहत हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली,असमिया, गुजराती, कन्नड़,ओड़िया,भोजपुरी,राजस्थानी,पंजाबी,मैथिली और अंगिका जैसी कई क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं में अनगिनत बेहतरीन फिल्मी गाने,भावगीत,भजन,ठुमरी और गजलें गाईं थी।( Photos Courtesy Social media)
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