*दक्षिण भारत की कोकिला एस.जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन,सादगी और सुरों की विरासत छोड़ गईं ‘गीत कोकिला’*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*दक्षिण भारत की कोकिला एस.जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन,सादगी और सुरों की विरासत छोड़ गईं ‘गीत कोकिला’*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)भारतीय सिनेमा की सर्वकालिक महान पार्श्व गायिकाओं में से एक '‘दक्षिण भारत की कोकिला’'एस.जानकी (S. Janaki) का मैसूरु में निधन हो गया। वे 88 वर्ष की थीं। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर है। छह दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर में उन्होंने 17 से अधिक भाषाओं में लगभग 48,000 गीतों को अपनी आवाज़ दी। जो एक विश्व रिकॉर्ड के समान है। उनकी गायकी की सबसे बड़ी विशेषता थी भाषा और भावनाओं पर अद्भुत पकड़,जिसके कारण वे तमिल, तेलुगु,कन्नड़, मलयालम,हिंदी,उड़िया और बंगाली जैसी विविध भाषाओं में समान रूप से लोकप्रिय हुईं। चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और 33 राज्य फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित जानकी महज एक गायिका नहीं बल्कि एक संस्था थीं। राजनेताओं और फिल्म जगत की ओर से आ रही श्रद्धांजलियां उनके उस गहन प्रभाव का प्रमाण हैं। जो पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में रहेगा।'‘सुर साम्राज्ञी'’की वित्तीय उपलब्धियां और सादगी को लेकर...