*सुभाष चंद्रा का ₹170 करोड़ से ₹22,006 करोड़ तक का कर्ज़: कैसे ₹6.5 करोड़ में सुलझा और क्यों भड़के राहुल गांधी?*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*सुभाष चंद्रा का ₹170 करोड़ से ₹22,006 करोड़ तक का कर्ज़: कैसे ₹6.5 करोड़ में सुलझा और क्यों भड़के राहुल गांधी?*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) ज़ी टीवी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा से जुड़े एक चौंकाने वाले कर्ज़ मामले ने देश भर में हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) ने चंद्रा की व्यक्तिगत दिवालियापन याचिका में ₹22,006.57 करोड़ के दावों के मुकाबले मात्र ₹6.5 करोड़ के भुगतान योजना को मंज़ूरी दे दी है। जिससे लेनदारों को 99.97% का भारी नुकसान (हैयरकट) उठाना पड़ा है। इस फैसले पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दोहरी व्यवस्था चल रही है। एक चुनिंदा अरबपतियों के लिए और दूसरी आम जनता के लिए। कैसे ₹170 करोड़ का लोन बना ₹22,000 करोड़ से अधिक की देनदारी?यह पूरा मामला साल 2022 में शुरू हुआ था। जब इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस जो अब सम्मान कैपिटल कहलाती हैं। उसने विवेक इंफ्राकॉन को दिए गए ₹170 करोड़ के लोन पर चूक के लिए सुभाष चंद्रा के खिलाफ एनसीएलटी में याचिका दायर की। चंद्रा ने इस लोन के लिए निजी गारंटर (पर्सनल गारं...