*सनसनीखेज खुलासा:मुंबई के अंडरवर्ल्ड से दिल्ली की सड़कों तक:299 नकली नोट,प्रिंटिंग प्रेस और तीन शातिर गिरफ्तार,कैसे एक दुकानदार की सजगता ने उड़ा दिया करोड़ों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश!*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*सनसनीखेज खुलासा:मुंबई के अंडरवर्ल्ड से दिल्ली की सड़कों तक:299 नकली नोट,प्रिंटिंग प्रेस और तीन शातिर गिरफ्तार,कैसे एक दुकानदार की सजगता ने उड़ा दिया करोड़ों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश!*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई /रिपोर्ट स्पर्श देसाई)राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आई है। जब पुलिस ने मुंबई में नकली करेंसी (Fake Currency) छापकर दिल्ली में खपाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 299 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनमें 100 और 500 रुपये के नोट शामिल हैं। यह खुलासा तब हुआ जब भलस्वा डेरी (Bhalswa Dairy) के एक जनरल स्टोर संचालक ने मामूली सी खरीदारी में असली-नकली की पहचान कर अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। दुकानदार की सतर्कता से खुली पोल और पुलिस हरकत में आ गई।
जानकारी के अनुसार भलस्वा डेरी में जनरल स्टोर चलाने वाले पंकज नामक दुकानदार ने देर रात एक संदिग्ध ग्राहक से सिगरेट के पांच पैकेट बेचे। ग्राहक ने 100 रुपये के छह नोट दिए लेकिन पंकज को नोटों की बनावट (Texture) कुछ अलग लगी। उसने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बीट ऑफिसर हेड कांस्टेबल प्रतीक को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी के हिसाब से आरोपी की पहचान नटराज मोहन कंचन (62),निवासी नवी मुंबई,महाराष्ट्र के रूप में हुई। उसके बैग की तलाशी में 96 नकली 100 रुपये के नोट मिले। पूछताछ में नटराज ने पहाड़गंज (Paharganj) के एक होटल में रुकने की बात कबूली। जिसके बाद पुलिस ने होटल के कमरे में छापा मारा। वहां से 180 नकली 100 रुपये के नोट और 13 नकली 500 रुपये के नोट बरामद हुए। पुलिस के अनुसार नटराज दिल्ली में नकली करेंसी का मुख्य सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर था।
सप्लाई चेन के खुलासे के मद्देनजर नटराज ने पूछताछ में बताया कि उसने दिल्ली के मकसूदपुर (Maksoodpur) निवासी सुभाष चंद्र (55) को नकली नोटों के सैंपल दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चलाने के लिए दिए थे। पुलिस ने सुभाष को भी गिरफ्तार कर उसके पास से 10 नकली 100 रुपये के नोट बरामद किए। सुभाष इस गिरोह का स्थानीय रिसीवर (Local Receiver) निकला जो फर्जी नोटों को दिल्ली की सड़कों पर उतारने का काम करता था। मुंबई में प्रिंटिंग प्रेस का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद पुलिस की टीम नटराज के नवी मुंबई स्थित घर पर पहुंची। जहां छापेमारी के दौरान नकली करेंसी छापने की पूरी यूनिट बरामद हुई। पुलिस ने वहां से एचपी लैपटॉप,एप्सन प्रिंटर,जेब्रोनिक्स लेमिनेशन मशीन,पेपर रोल,विशेष वॉटरमार्क पेपर और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए। इसके अलावा पुलिस ने नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से गिरोह के तीसरे सदस्य विनोद मुन्नीलाल जैसवार (38) को गिरफ्तार किया।
विनोद इस गिरोह का टेक्निकल मास्टरमाइंड निकला। जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए नकली नोटों के टेम्प्लेट डिजाइन करता था और प्रिंटिंग में मदद करता था। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई देखें तो बाहरी-उत्तरी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी.सक्सेना ने बताया कि यह गिरोह काफी शातिर था और फर्जी नोटों को असली जैसा बनाने के लिए हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नकली नोटों की सप्लाई दिल्ली के अलावा और किन राज्यों में की गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। (Photos Courtesy Social media and AI)
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